Monthly Archives: December 2016

शब्द वही फिर भी भावनाएँ,अर्थ खो क्यों गए हैं ?

इन दिनों भाषा को लेकर इतने झमेले हो गए हैं कि भाषा के माध्यम से अपने मन की भावना, बात ,विचार दूसरे  तक पहुँचाना शायद हम भूल गए हैं। भाषा के द्वारा दूसरे के मन की बात , भावना समझना तो और ही भूल गए हैं। कहा जाता हैं कि बिना कुछ कहे भी सामने वाले के मन [...]

By | December 9th, 2016|Uncategorized|0 Comments

जीवन अनुभव के दो पहलू

अमृता प्रीतम की रचना पर आधारित  ' पिंजर ' फिल्म में एक गाना है - ' हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छूटा करते ' यह सुनते समय  कई साल पहले देखी फिल्म  ' थोड़ी सी बेवफाई ' का गाना ' आज बिछड़े हैं कल का डर भी नहीं ' अचानक याद आया। दोनों गाने बिल्कुल विरोधी या एक [...]

By | December 9th, 2016|Uncategorized|0 Comments